क्या 6 घंटे की नींद एक स्टूडेंट के लिए काफी है?HealthPlanet

Posted on Fri 3rd Mar 2023 : 12:03

स्टूडेंड को कितने घंटे सोना चाहिए ?

छात्रों को कितने घंटे की नींद लेनी चाहिए ?
नींद के दौरान दिमाग के सभी भाग आराम नही करते दिमाग के कुछ भागों में इलेक्ट्रिकल क्रियाकलाप, ऑक्सीजन उपभोग और ऊर्जा व्यय होते है।
क्या मुझे देर रात पढ़ना चाहिए या सुबह जल्दी उठ कर पढ़ने की आदत डाल लेनी चाहिए ? एक student के लिए कितने घंटे की नींद काफी होती है ? परीक्षा के दिनों में सोने के समय में कटौती करने से वाकई में कोई फायदा होता है ? क्या दोपहर में एक नींद ले लेनी चाहिए ? हमें इन प्रश्नों का सही उत्तर पता होना चाहिए ताकि अच्छी तरह से अपनी पढाई कर सके। नींद के महत्त्व को जानने के लिए इन बातो को समझना जरुरी है। ये भी पढ़ेंः दूध, दलिया और काबुली चना से आती है अच्छी नींद।

नींद आवश्यक प्रोटीन बनाती है: नींद के दौरान दिमाग के सभी भाग आराम नही करते दिमाग के कुछ भागों में इलेक्ट्रिकल क्रियाकलाप, ऑक्सीजन उपभोग और ऊर्जा व्यय होते है। इन क्रियाकलापों के दौरान दिमागी प्रोटीन बनाती है। यही प्रोटीन बुद्धि तेज़ करने में मदत करता है। इसलिए यह जरुरी है कि आप पूरी नींद ले ताकि प्रोटीन उत्पादन हो सके। क्योंकि प्रोटीन का बनना और बिगड़ना रोजाना की प्रक्रिया है। अगर पुराने प्रोटीन की जगह नए प्रोटीन ना ले तो सारी बुद्धि धीरे-धीरे ख़त्म हो जाएगी। इसलिए प्रोटीन प्रक्रिया द्वारा बुद्धि धारण करने के लिए नींद का अपना महत्त्व है।

नींद शरीर को सुव्यवस्थित करती है: दिन के दौरान जो भी सुचना हम प्राप्त करते है, नींद उसको व्यवस्थित करती है। जो कुछ हम देखते है, सुनते है, सूँघते है, टेस्ट करते है या स्पर्श करते है तो विभिन्न तरह की सुचना मस्तिष्क ( दिमाग़ ) तक पहुँचती है। नींद इन सूचनाओं को नाड़ी स्टोरेज में आसान योजना को व्यवस्थित करती है। इसलिए अच्छी नींद के साथ कोई समझौता कभी मत करिए। हमें अच्छी नींद आवश्यक लेनी चाहिए। कितनी नींद लेनी है यह व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वह कितना शारीरिक और मानसिक कार्य करता है और किस तरह का का भोजन करता है। student के लिए 6 से 8 घंटो की नींद होनी चाहिए। यह भी हमेशा याद रखिए कि पूरी नींद न लेने से मनुष्य की सुचना को दीर्घ कालीन बुद्धि में भेजने की क्षमता का भाग होता है। ये भी पढ़ेंः क्या आपको रात में ठीक से नींद नहीं आती ? आज से ही शुरू करें ये नेचुरल उपाय।

दोपहर की नींद : दोपहर के नींद का मतलब सुबह-सुबह का काम करने के बाद जब दिमाग़ थकान अवस्था में होता है तो 30 से 45 मिनिट की नींद दिमाग को ऊर्जावान बना देती है। हालांकि यह नींद शारीरिक रूप से सुस्त कर देते है पर दिमाग़ को उर्जावान बना देती है। अगर आपकी नौकरी इस प्रकार की है जिसमे आपको दोपहर की नींद लेना असंभव है तो परेशान होने की जरुरत नही है, आप कुछ समय शांत भाव में ध्यान मुद्रा में बैठ सकते है। इससे दिमाग ताज़ा होता है।

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